कारोबार · सितारगंजरुद्रपुर सिटी रिपोर्ट
सितारगंज में धान की तौल न होने पर किसानों ने ट्रॉलियां लगाकर हाईवे जाम किया, खटीमा में मंडी गेट पर तालाबंदी; पिछले साल का चावल बकाया होने से 28 राइस मिलें ब्लैकलिस्ट, खरीद अटकी

धान की तौल न होने से नाराज किसानों ने गुरुवार को सितारगंज में धान से भरी ट्रॉलियां लगाकर हाईवे के एक ओर जाम लगा दिया और खटीमा में मंडी गेट पर ताला जड़ दिया। हिन्दुस्तान के मुताबिक सितारगंज के किसानों का आरोप है कि 22 दिन के इंतजार के बाद भी तौल नहीं हो रही और उन्हें 2441 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के बजाय करीब 1800 रुपये में धान बेचना पड़ रहा है। करीब दो घंटे बाद क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (आरएमओ) के आश्वासन पर किसान मंडी के अंदर धरने पर बैठे और शाम 4:45 बजे तौल शुरू हुई। मंडी सचिवों के मुताबिक केंद्र सरकार के नए आदेश के तहत जिन राइस मिलों पर पिछले सीजन का चावल (सीएमआर) बकाया है, उन्हें नया धान नहीं मिलेगा, इसलिए कच्चे आढ़ती खरीद से दूर रहे। राइस मिलर सौरभ सिंघल के अनुसार सितारगंज की 28 मिलें ब्लैकलिस्ट हुई हैं; उनका कहना है कि गोदामों में जगह न होने की बात कहकर उनका चावल उठाया ही नहीं गया। खटीमा मंडी में शाम तक धान से लदी 60-70 ट्रॉलियां खड़ी रहीं। अमर उजाला के मुताबिक सितारगंज मंडी के फड़ों पर 20 हजार क्विंटल से ज्यादा धान बिकने के इंतजार में पड़ा है।