रुद्रपुर सिटी रिपोर्टरुद्रपुरशहर
लेखपालों के 1 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार से जिले की तहसीलों में आय, जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्रों के दो हजार से ज्यादा आवेदन अटके; संघ ने पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी
Over 2,000 applications for income, caste and domicile certificates stuck in district tehsils as lekhpals boycott work since October 1; union warns of total boycott

कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी होने के मामलों में राजस्व उप निरीक्षकों (लेखपालों) के निलंबन के विरोध में उत्तराखंड लेखपाल संघ का 1 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार जारी है। हिन्दुस्तान के मुताबिक इससे जिले की तहसीलों में आय, जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्रों के दो हजार से ज्यादा आवेदन लंबित हैं, और छह मांगें पूरी न होने पर संघ ने प्रदेशभर में पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि आवेदकों ने 'अपुणि सरकार' पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड किए, उन्हीं के आधार पर आख्या भेजी गई और सक्षम अधिकारियों ने प्रमाणपत्र जारी किए, इसलिए केवल राजस्व उप निरीक्षकों का निलंबन एकतरफा कार्रवाई है। संघ निलंबित कर्मचारियों की बहाली और संलग्न दस्तावेजों की जिम्मेदारी आवेदक पर तय करने की मांग कर रहा है। जिलाध्यक्ष पिंटू कुमार गौतम ने बताया कि फर्जी आवेदन रोकने के लिए आधार ओटीपी, बायोमेट्रिक सत्यापन और लाइव फोटो अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया है। बहिष्कार से शिक्षा, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के आवेदकों की परेशानी बढ़ सकती है। (स्रोत: हिन्दुस्तान)
यह रिपोर्ट रुद्रपुर सिटी ने जांच के बाद प्रकाशित की है।