FIR कैसे दर्ज कराएं (ज़ीरो FIR, ई-FIR)
संज्ञेय अपराध (चोरी, मारपीट, धोखाधड़ी, दुर्घटना) की सूचना पर पुलिस को FIR दर्ज करनी होती है। FIR किसी भी थाने में लिखाई जा सकती है (ज़ीरो FIR) और उसकी कॉपी मुफ़्त मिलती है।
क्या करें
- खतरा हो तो पहले 112 पर कॉल करें।
- नज़दीकी थाने जाएं और जो हुआ वह मौखिक या लिखित बताएं; पुलिस उसे पढ़कर सुनाती है और आपके हस्ताक्षर लेती है।
- घटना दूसरे थाने के इलाके की हो तो भी FIR वहीं लिखी जा सकती है (ज़ीरो FIR); वह सही थाने भेज दी जाती है।
- उत्तराखंड पुलिस के सिटीजन पोर्टल पर कुछ मामलों में ई-FIR ऑनलाइन दर्ज होती है; ऑनलाइन दी गई सूचना पर तीन दिन के भीतर थाने जाकर हस्ताक्षर करने होते हैं।
- FIR की कॉपी मुफ़्त है; FIR नंबर और थाने का नाम नोट करें। बाद में केस की स्थिति ई-कोर्ट्स पर FIR नंबर से देखी जा सकती है।
- थाना FIR न लिखे तो लिखित शिकायत डाक या ईमेल से एसएसपी को भेजें; फिर भी न हो तो मजिस्ट्रेट के सामने अर्ज़ी दी जा सकती है।
- पहचान पत्र और फ़ोन नंबर
- घटना की तारीख़, समय, जगह और गवाहों के नाम
- फोटो, चैट, रसीद या दस्तावेज़ जो घटना से जुड़े हों
आधिकारिक लिंक
- ई-FIR (उत्तराखंड पुलिस)policecitizenportal.uk.gov.in(नई विंडो में खुलेगा)
- उत्तराखंड पुलिस सिटीजन पोर्टलpolicecitizenportal.uk.gov.in(नई विंडो में खुलेगा)
- साइबर ठगी की शिकायत (1930)cybercrime.gov.in(नई विंडो में खुलेगा)
- केस की स्थिति (ई-कोर्ट्स)services.ecourts.gov.in(नई विंडो में खुलेगा)
- मुफ़्त कानूनी सहायता (DLSA, 15100)uttarakhand.nalsa.gov.in(नई विंडो में खुलेगा)
इस विषय के अधिवक्ता
वर्णानुक्रम में, किसी की सिफ़ारिश नहीं। पहले मुफ़्त कानूनी सहायता देखें।
इस विषय के लिए अभी कोई अधिवक्ता सूची में नहीं है। मुफ़्त कानूनी सहायता के लिए 15100 पर फ़ोन करें।
ज़रूरी बात: यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। हर मामला अलग होता है; ज़रूरी हो तो अधिवक्ता या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (मुफ़्त, 15100) से बात करें। रुद्रपुर सिटी किसी अधिवक्ता की सिफ़ारिश नहीं करता।
गाइड 18 सितंबर 2026 को जांची गई। गलती बताएं