उपभोक्ता शिकायत: खराब सामान या सेवा
खराब सामान, गलत बिल, सेवा में कमी या धोखे पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत की जा सकती है। 50 लाख रुपये तक के दावे जिला आयोग, 2 करोड़ तक राज्य आयोग में। बिना वकील के भी शिकायत हो सकती है।
क्या करें
- पहले दुकानदार या कंपनी को लिखित शिकायत दें और उसकी कॉपी रखें; राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर भी शिकायत दर्ज करें, कई मामले वहीं सुलझ जाते हैं।
- हल न निकले तो जिला उपभोक्ता आयोग, ऊधम सिंह नगर में शिकायत दायर करें, या ऑनलाइन ई-जागृति पोर्टल पर।
- शिकायत घटना (या जवाब न मिलने) के दो साल के भीतर दायर करें।
- शिकायत में क्या हुआ, क्या नुकसान हुआ और क्या राहत चाहिए (पैसे वापस, बदली, मुआवज़ा), यह साफ़ लिखें।
- सुनवाई की तारीख़ों पर खुद जाएं या अधिवक्ता भेजें; आयोग का आदेश न मानने पर उसे लागू कराने की अर्ज़ी दी जा सकती है।
- बिल, रसीद, वारंटी कार्ड, ऑर्डर और भुगतान का सबूत
- शिकायत के पत्र, ईमेल, चैट और उनके जवाब
- खराबी की फोटो या वीडियो; पहचान पत्र
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गाइड 18 सितंबर 2026 को जांची गई। गलती बताएं