सड़क दुर्घटना: मुआवज़े का दावा (MACT)
सड़क दुर्घटना में मौत या चोट पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) में मुआवज़े का दावा होता है। दावा दुर्घटना के छह महीने के भीतर दायर करें। अज्ञात वाहन (हिट एंड रन) के लिए सरकार की अलग मुआवज़ा योजना है।
क्या करें
- घायल को पहले अस्पताल पहुंचाएं (108); इलाज के हर कागज़ और बिल की प्रति रखें।
- थाने में FIR दर्ज कराएं; वाहन नंबर, ड्राइवर और बीमा की जानकारी लें। पुलिस दुर्घटना की विस्तृत रिपोर्ट (DAR) अधिकरण को भेजती है।
- MACT (जिला न्यायालय, रुद्रपुर) में दावा याचिका दायर करें: वहां जहां दुर्घटना हुई, या जहां दावेदार रहता है, या जहां विपक्षी रहता है।
- बीमा कंपनी को सूचना दें; मुआवज़ा आम तौर पर बीमा कंपनी देती है। अधिकरण अंतरिम राहत भी दे सकता है।
- वाहन का पता न चले (हिट एंड रन) तो हिट एंड रन मुआवज़ा योजना के तहत जिला स्तर पर आवेदन करें; DLSA इसमें मदद करता है।
- FIR, पुलिस की जांच रिपोर्ट, चार्जशीट
- मेडिकल रिपोर्ट, डिस्चार्ज पर्ची, बिल; मृत्यु पर पोस्टमार्टम और मृत्यु प्रमाण पत्र
- घायल या मृतक की आय का प्रमाण, उम्र का प्रमाण, आश्रितों की सूची
- वाहन का RC, ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा (मिले तो)
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गाइड 18 सितंबर 2026 को जांची गई। गलती बताएं