रुद्रपुर सिटीRUDRAPUR CITY

घरेलू हिंसा और भरण-पोषण

Domestic violence and maintenance

घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत महिला को संरक्षण, घर में रहने का अधिकार और खर्च दिलाने के आदेश मिल सकते हैं। पत्नी, बच्चे और माता-पिता भरण-पोषण का दावा पारिवारिक न्यायालय में कर सकते हैं। महिलाओं को मुफ़्त कानूनी सहायता का हक़ है।

क्या करेंSteps

  1. तुरंत खतरे में 112। महिला हेल्पलाइन 1090 या 181 पर कॉल करें; 181 से वन स्टॉप सेंटर (सखी) की मदद मिलती है: अस्थायी आश्रय, चिकित्सा, पुलिस और कानूनी सहायता एक जगह।
  2. जिले के संरक्षण अधिकारी (Protection Officer) या DLSA के ज़रिए मजिस्ट्रेट के सामने घरेलू घटना रिपोर्ट और अर्ज़ी दी जाती है; आवेदन के लिए कोई फीस नहीं।
  3. मजिस्ट्रेट संरक्षण आदेश, साझा घर में रहने का आदेश, बच्चों की अस्थायी कस्टडी और मासिक खर्च का आदेश दे सकते हैं।
  4. भरण-पोषण (पत्नी, बच्चे, माता-पिता) की अलग अर्ज़ी पारिवारिक न्यायालय, रुद्रपुर में दी जा सकती है; अंतरिम खर्च भी मांगा जा सकता है।
  5. दहेज़ उत्पीड़न या मारपीट पर FIR भी दर्ज हो सकती है; दोनों रास्ते साथ चल सकते हैं।

क्या साथ ले जाएंWhat to bring

  • पहचान पत्र, शादी का प्रमाण (कार्ड, फोटो, प्रमाण पत्र), बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र
  • चोट की मेडिकल रिपोर्ट, फोटो, धमकी भरे संदेश, गवाहों के नाम
  • पति या परिवार की आय का जो भी सबूत हो (सैलरी पर्ची, संपत्ति का ब्यौरा)

उत्तराखंड पुलिस (महिला हेल्पलाइन, गौरा शक्ति) (नई विंडो में खुलेगा)uttarakhandpolice.uk.gov.inमहिला हेल्पलाइन 181 (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) (नई विंडो में खुलेगा)wcd.gov.inमुफ़्त कानूनी सहायता (DLSA, 15100) (नई विंडो में खुलेगा)uttarakhand.nalsa.gov.in

वर्णानुक्रम में, किसी की सिफ़ारिश नहीं। पहले मुफ़्त कानूनी सहायता देखें।

इस विषय के लिए अभी कोई अधिवक्ता सूची में नहीं है। मुफ़्त कानूनी सहायता के लिए 15100 पर फ़ोन करें।

ज़रूरी बात

यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। हर मामला अलग होता है; ज़रूरी हो तो अधिवक्ता या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (मुफ़्त, 15100) से बात करें। रुद्रपुर सिटी किसी अधिवक्ता की सिफ़ारिश नहीं करता।

गाइड 18 सितंबर 2026 को जांची गई।